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Tuesday, February 20

अदा

नये जौहरी नयी अदा वाले,
तौल कर भाव बताने वाले।

सब मिले हैं हमे ज़माने मे,
यार अहसान जताने वाले।

दिल खुदा का है यार का मेरे,
और अंदाज़ ज़माने वाले।

दिल की कालिख है आंख का काजल,
वो हैं आंखों से पिलाने वाले।

नाम कहने को है अभागा पर,
हैं सब अंदाज़ दिवानों वाले।

1 comment:

Anonymous said...

brother this is rishi . i think u are alone in us that's why u r writing these most beautiful and attractive poems . i wish that u should write a poem about our family. thank u . good bye.