Showing posts from July, 2012


जब इस बार मिलें हम तुम, कुछ अलग सा मुझको पाओ तो, हाथ पकड़ लूं मैं बढ कर, तुम मुझसे शर्मा जाओ तो? नींद नही आये पर सपनो से बोझिल होकर पलकें, मुंद जाएँ और तुम काँधे पर सर रख कर सो जाओ तो? गर साथ हो बस दो पल का और फिर जीवन भर का इंतज़ार, दो पल न बीतें कभी, समय बस वहीं कहीं रुक जाए तो? जो कहना चाहें दोनो कुछ पर बात जुबां पर ना आये, और देख हमारी दुविधा चन्दा बादल में छुप जाए तो? कभी आँख तेरी गर भर आये और मेघदूत बन कर बादल, तेरी आँखों के मोती मेरे आँगन बिखरा जाए तो?

Trademark Skill Set

Over at HSI , Vijay Anand of Startup Centre and fame, posted some excellent thoughts about the wannabe entrepreneurs who are looking for technical co-founders: A Trademark Skillset (and I am reiterating) is that one thing you are absolutely known for - it might be people skills; to be able to bring people together around a problem, form a solution and build an enterprise around it, it might be more specific around technology, or design, or fundraising (sic), or sales / business development - but it has to be one quality that you have, that the entire organization (sic) can bet on.  You should read the full post on HSI .